Tuvalu क्यों डूब रहा है? जलवायु परिवर्तन की शिकार एक द्वीपीय राष्ट्र की कहानी

नमस्कार दोस्तों!

Tuvalu प्रशांत महासागर में स्थित दुनिया का सबसे छोटा द्वीप देशों में से एक है। यह देश 9 छोटे छोटे दीपों से मिलकर बनी है। इन सभी द्वीपों की कुल क्षेत्रफल 26 वर्ग किलोमीटर है। लगभग 11,000 जनसंख्या वाला यह देश दुनिया की सबसे छोटी देश में से एक होने के साथ, यह देश सबसे कम आबादी वाला राष्ट्रों की सूची में भी आता है। आज यह देश जलवायु परिवर्तन के कारण डूब रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है की, आने वाले 50 से 100 सालों के भीतर इस देश (Tuvalu) का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, जो यहां रहने वाले लोगों के साथ पूरी दुनिया के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। आईए इस देश के बारे में विस्तार से समझते हैं।

Geograpgy:

Tuvalu, प्रशांत महासागर में फिजी और किरिबाटी देश के करीब स्थित दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश है। यह देश 9 छोटे-छोटे दीपों को लेकर बना है और इस देश की राजधानी फनाफूटी है, जो यहां की मुख्य द्वीप है। इन दीपों में से कुछ द्वीप कितने छोटे हैं, जिन्हें केवल कुछ मिनट में चलकर पूरा किया जा सकता है। यहां की मिट्टी पतली और कमजोर है जिसके कारण यहां पेड़ पौधे उगाना थोड़ा मुश्किल है। समुद्र के बीच होने की वजह से यहां नारियल और टारो के साथ केला, pandanus, pumpkin, और sweet potato की खेती की जाती है।

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव:

आज के समय Tuvalu जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े पीड़ितों में से एक है। इस देश का सबसे बड़ा खतरा है, समुद्र का बढ़ता हुआ स्तर। इस बढ़ते हुए जलस्तर के कारण पूरा देश डूबने की कगार पर है। पहले से ही यहां की समुद्र तटवर्ती कई गांव समुद्र के अंदर जा चुका है और यह खतरा धीरे-धीरे और बढ़ रहा है। जिससे यहां के किसानो को खेती करने के लिए जमीन कम पड़ रहा है। और अब यहां तूफान ऑन का खतरा भी बढ़ रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर वैश्विक तापमान इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दशकों में Tuvalu पूरी तरह डूब सकता है। यहां की सरकार और लोगों के द्वारा अपने देश को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहा है, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आवाज उठा रहे हैं। कई देशों और संगठनों से इन्हें सहायता भी मिल रही है।

Tuvalu की संस्कृति और अर्थव्यवस्था:

Tuvalu के लोग सामुदायिक और खुशहाल का जीवन जीने में विश्वास रखते हैं। यहां के लोग तो Tuvaluan भाषा के साथ अंग्रेजी भाषा भी बोलते हैं। देश में सबसे ज्यादा ईसाई धर्म को मानने वाले लोग रहते हैं, जो कि लगभग 95% है। पारंपरिक नृत्य और संगीत की बात करें तो “Fatele” नृत्य यहां की सबसे प्रमुख पारंपरिक नृत्य है, जिसे त्योहार और विशेष अवसरों पर किया जाता है।

Tuvalu की अर्थव्यवस्था बहुत छोटी है। इस देश की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से मछली पकड़ना, नारियल उत्पादन और उसका निर्यात करना और साथ ही विदेशी सहायता के ऊपर निर्भर करती है। इस देश की अन्य एक आई का उत्सव देश के नाम पर होता है, Tuvalu को “.tv” डोमेन (domain) से भी अच्छी आमदनी हो जाती है। इस डोमेन को ज्यादातर स्ट्रीमिंग कंपनियों और TV चैनल खरीदतीं हैं।

पर्यटन से भी कुछ आय होती है, लेकिन ज्यादा नहीं। यहां पर सिर्फ एक ही हवाई अड्डा (Fanafuti international airport) है। जो एक छोटा एयरपोर्ट होने के कारण यहां बड़ी हवाई जहाज नहीं उतर सकते और साथ ही यहां जाने के लिए सिर्फ फिजी ही इकलौता ऐसा देश है जहां से tuvalu के लिए डायरेक्ट फ्लाइट मिलता है। तो अगर आप tuvalu में जाना चाहें तो पहले फिजी देश में जाना पड़ेगा और फिर उसके बाद ही आप tuvalu तक पहुंच सकते हैं। इसी कारण यहां पर ज्यादा पर्यटक नहीं आते।

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